
नयी दिल्ली: लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्य ने पेपर लीक मुद्दे पर गुरुवार को भी हंगामा किया जिसके कारण लगातार चौथे दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित रहा। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने हंगामे के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।
विपक्षी दलों के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कल भी सदन चलने देने विपक्षी सदस्यों से अपील की थी। कांग्रेस तथा विपक्ष के अन्य दलों के नेताओं से व्यक्तिगत स्तर बातें की है कि आपका जो सुझाव है उस पर लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम सरकार पेपर लीक पर विपक्ष के साथ चर्चा करना चाहती है लेकिन इसमें सहयोग करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक करने वालों और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पहले ही घोषणा कर दी है। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वे सदन में सहयोग करें और सदन चलने दें और जो उनके मुद्दे हैं उन पर सदन में चर्चा की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हंगामा कर चर्चा से भागना चाहता है।
श्री रिजिजू ने विपक्षी दलों के नेताओं से पेपर लीक के मामले पर राजनीति नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि संसद को मिलकर हम सबको इस समस्या के समाधान के लिए चर्चा करनी चाहिए। पीठासीन अधिकारी ने भी सदस्यों से हंगामा नहीं करने की अपील की और कहा कि सदन का समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठकर सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।






