वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वाराणसी में किसान तेजी से ड्रिप इरिगेशन, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और मिनी स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियां अपना रहे हैं। इससे पानी की बचत, सिंचाई लागत में कमी और बेहतर उत्पादन के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने बुधवार को बताया कि किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिले में इन आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के लाभार्थियों की संख्या पिछले नौ वर्षों में करीब साढ़े पांच गुना बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 173 किसानों को 176.31 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 41.54 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था, जबकि वर्ष 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 948 और सिंचित क्षेत्र 900.41 हेक्टेयर हो गया। इस अवधि में अनुदान राशि बढ़कर 2.11 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
अपर उद्यान अधिकारी ज्योति कुमार सिंह ने बताया कि ड्रिप इरिगेशन, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर की खरीद पर किसानों को 65 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर से 35 से 45 प्रतिशत तथा पोर्टेबल स्प्रिंकलर से 25 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। योजना का लाभ विशेष रूप से बागवानी फसल उगाने वाले किसानों को दिया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में ड्रिप इरिगेशन के तहत 44 किसानों ने 33.71 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर के तहत 709 किसानों ने 702.80 हेक्टेयर तथा मिनी स्प्रिंकलर के तहत 195 किसानों ने 163.90 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक सिंचाई प्रणाली अपनाई। ड्रिप इरिगेशन में पानी बूंद-बूंद सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है, जबकि पोर्टेबल और मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों से कम पानी में अधिक क्षेत्र की प्रभावी सिंचाई संभव होती है। इससे जल संरक्षण के साथ फसल की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है।







