
जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में कमजोर मानसून की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि इससे उत्पन्न होने वाले संकट में सरकार को अभी से वैकल्पिक जल प्रबंधन, चारे, रोजगार और आपातकालीन इंतजामों की ठोस तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
श्री गहलोत ने शनिवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कमजोर मानसून की स्थिति अब चिंताजनक बन गयी है। प्रदेश के 693 में से 246 बांध पूरी तरह सूखे पड़े हैं, सिर्फ 15 बांध ही भर पाये हैं। जयपुर-अजमेर सहित चार जिलों की करीब 1.16 करोड़ आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में इस बार एक इंच भी पानी नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि गत 31 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई, 23 जिलों में सूखे जैसे हालात बन चुके हैं, और मौसम विभाग ने अगस्त-सितंबर में भी राहत के कोई संकेत नहीं दिए। ऐसे संकट में सरकार को अभी से वैकल्पिक जल प्रबंधन, चारे, रोजगार और आपातकालीन इंतजामों की ठोस तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो पीने के पानी और सिंचाई दोनों का संकट विकराल रूप ले सकता है। इससे फसलों की उपज पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा जिसके इंतजाम अभी से करने आवश्यक हैं।






