गांधी जयंती विशेष: सत्य, अहिंसा और आत्मनिर्भरता के विचारों से आज भी प्रासंगिक हैं बापू
Gandhi Jayanti Special: Bapu remains relevant today through the ideals of truth, non-violence, and self-reliance.

नयी दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित कर उनके विचारों और योगदान को याद किया जा रहा है। गांधी जी का जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं था, बल्कि सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता जैसे उनके सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।

महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन तथा संघर्ष का आधार बनाया। गांधी जी के लिए सत्य केवल बोलने का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने का सिद्धांत था। उनका विचार था कि सत्य की खोज प्रत्येक व्यक्ति कर सकता है। अन्याय का विरोध करते हुए भी हिंसा से दूर रहना उनके सत्याग्रह का मूल आधार था।

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भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी जी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। चंपारण सत्याग्रह से लेकर असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन तक उन्होंने जनभागीदारी और अहिंसक संघर्ष को प्रमुखता दी। नमक कानून के विरोध में साबरमती से दांडी तक की उनकी यात्रा ब्रिटिश शासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रतिरोध का बड़ा प्रतीक बनी। वहीं, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उनके ‘करो या मरो’ के संदेश ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।

गांधी जी के विचार राजनीति से आगे बढ़कर सामाजिक और आर्थिक जीवन तक फैले हुए थे। वे स्वदेशी, खादी, ग्रामोद्योग और आत्मनिर्भरता के समर्थक थे। चरखा उनके स्वदेशी विचारों का प्रमुख प्रतीक बना। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता, सामाजिक समानता और आपसी सद्भाव पर भी जोर दिया।

गांधी जी से जुड़े कई तथ्य सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी महत्वपूर्ण हैं। भारत में उनका पहला प्रमुख सत्याग्रह बिहार के चंपारण में हुआ था। उनकी आत्मकथा का नाम ‘सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा’ है। ‘महात्मा’ संबोधन को सामान्यतः रवींद्रनाथ टैगोर से जोड़ा जाता है, जबकि ‘राष्ट्रपिता’ संबोधन का श्रेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 1944 के संदेश से संबंधित माना जाता है।

गांधी जी के निधन के दशकों बाद भी उनके विचारों पर चर्चा जारी है। उनकी जयंती हमें सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता जैसे मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा देती है।