मणिपुर में ई-सेवा केंद्र शुरू, AI और डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
E-Seva Kendra launched in Manipur; AI and digital services to get a boost.

इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल के मंत्रीपुखरी स्थित राज्य सूचना प्रौद्योगिकी पार्क में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित ‘भाषिनी मणिपुर राज्य कार्यशाला’ में भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल सेवाओं और भाषा तकनीक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के इस्तेमाल से नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना आसान होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषिनी पहल अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों के बीच संवाद को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मणिपुर में 33 भाषाई समुदायों को उनकी अपनी भाषाओं में जोड़ने की इसकी क्षमता विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को अपनाने और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

GNSU Admission Open 2026

दूरदराज के लोगों को भी मिलेंगी डिजिटल सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भी अपनी भाषा में सरकारी जानकारी और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच मिलनी चाहिए। AI आधारित भाषा तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मददगार हो सकती है।

उन्होंने बताया कि नया ई-सेवा केंद्र उन लोगों को सहायता और मार्गदर्शन देगा, जिन्हें ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझने में परेशानी होती है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के अधिक करीब लाना है।

माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुआ समझौता

कार्यक्रम के दौरान मणिपुर सरकार और माइक्रोसॉफ्ट के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत AI, डिजिटल गवर्नेंस, नई तकनीकों, क्षमता निर्माण और डिजिटल कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस साझेदारी से युवाओं को अवसर मिलेंगे और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर

कार्यक्रम में एचसीएलटेक के टेकबी कार्यक्रम के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण और प्लेसमेंट प्रमाणपत्र भी दिए गए। इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक छात्र को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण पाने वाले 116 छात्रों में से 57 ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और स्नातक की पढ़ाई के साथ एचसीएलटेक में पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों में नौकरी पाने वाले युवाओं से बातचीत कर उन्हें आईटी क्षेत्र के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने हैकाथॉन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया और तकनीक, नवाचार तथा स्टार्टअप से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।