चंडीगढ़। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने पंजाब सरकार से पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ कथित दुष्कर्म मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश करने का आग्रह किया है। समिति ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई है।
एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि यदि पंजाब सरकार तीन दिनों के भीतर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश नहीं करती है, तो समिति अपनी मांग को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेगी।
धामी ने बताया कि बुधवार को एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आनंदपुर साहिब से जुड़े घटनाक्रम और एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर चर्चा हुई। बैठक में पंजाब सरकार से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया।
एसजीपीसी प्रमुख के अनुसार, समिति चाहती है कि आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और पूरे मामले के तथ्यों को सामने लाया जाए। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार से केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच सौंपने की सिफारिश करने की मांग की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित तीन दिनों के भीतर सरकार इस संबंध में कदम नहीं उठाती है, तो एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर अपनी मांग रखेगा।
गौरतलब है कि पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ एक महिला ने कथित दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति ने अपनी बैठक में चर्चा की और जांच की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह किया।
फिलहाल एसजीपीसी की ओर से सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।







