एंटीलिया विस्फोटक मामला: सचिन वाजे की जमानत बॉम्बे हाईकोर्ट ने की रद्द
Antilia explosives case: Bombay High Court cancels Sachin Vaze's bail

मुंबई : एंटीलिया विस्फोटक मामले और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े प्रकरण में मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे को बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है। न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अपील स्वीकार करते हुए विशेष एनआईए अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें वाजे को जमानत दी गई थी।

विशेष अदालत ने 29 सितंबर को वाजे को जमानत देते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई सामग्री से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की कठोर धाराओं को लागू करने के लिए पर्याप्त आधार स्पष्ट नहीं होता। इस आदेश को चुनौती देते हुए एनआईए ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जांच एजेंसी का तर्क था कि विशेष अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और कथित आपराधिक साजिश की गंभीरता का समुचित आकलन नहीं किया।

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यह मामला 25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास विस्फोटक सामग्री से भरी एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार मिलने से जुड़ा है। कार में जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र रखा गया था। यह वाहन ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन का था, जिन्होंने इससे पहले कार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

इस घटना के कुछ दिनों बाद पांच मार्च 2021 को ठाणे की एक खाड़ी से हिरेन का शव बरामद हुआ था। मामले की जांच के दौरान एनआईए ने 13 मार्च 2021 को सचिन वाजे को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वाजे की भूमिका एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी कार खड़ी करने और मनसुख हिरेन की हत्या की साजिश में थी।

वाजे ने लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। उन्होंने अपने खिलाफ यूएपीए की धाराएं लगाए जाने का भी विरोध किया था। हालांकि, एनआईए की अपील पर हाईकोर्ट ने पहले ही जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद सचिन वाजे को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।