बियानी कॉलेज में AI कार्यशाला, विद्यार्थियों को सिखाए स्मार्ट टूल्स के उपयोग
AI workshop at Biyani College; students taught how to use smart tools

जयपुर: बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक उपयोग को लेकर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को वेबसाइट बनाने, कंटेंट तैयार करने, रिसर्च करने और रोजमर्रा के कार्यों को आसान बनाने के लिए विभिन्न AI टूल्स के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना था।

AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा

कार्यशाला में AI ट्रेनर सीए कमलेश बंसल ने प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न उपयोगों और इसके लाभों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि AI की सहायता से पढ़ाई, शोध, ई-मेल प्रबंधन, समय-सारणी तैयार करने, प्रेजेंटेशन बनाने और सोशल मीडिया के लिए सामग्री तैयार करने जैसे कार्य कम समय में किए जा सकते हैं।

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प्रतिभागियों को ChatGPT, Gemini, Claude, Microsoft Copilot, Perplexity AI, NotebookLM, Canva, Gamma, Lovable, Framer AI, Zapier, Make, HeyGen और ElevenLabs जैसे टूल्स की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया। साथ ही, इनकी मदद से काम को व्यवस्थित करने, समय बचाने और बेहतर परिणाम हासिल करने के तरीके भी बताए गए।

तकनीक के सही इस्तेमाल पर जोर

बियानी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी ने कहा कि AI टूल्स का उचित उपयोग समय प्रबंधन को बेहतर बनाने और कार्यों को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से AI के नए टूल्स के बारे में जानकारी हासिल करने तथा उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

संस्थान के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में नई तकनीकों को समझना और उनका सही उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों और शिक्षकों को शिक्षा तथा दैनिक कार्यों में AI का प्रभावी इस्तेमाल करने में मदद करेंगी।

कार्यक्रम में डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल भी मौजूद रहे।

AI के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

कार्यशाला में AI से प्राप्त जानकारी की तथ्य-जांच, निजी जानकारी की सुरक्षा और कॉपीराइट नियमों के पालन पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि AI से तैयार सामग्री का उपयोग करने से पहले उसकी सटीकता की जांच करना जरूरी है।

कार्यशाला में बियानी गर्ल्स कॉलेज और बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।