
कोलकाता/मालदा। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आ गई है। एक ओर Amit Shah के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee भी आक्रामक अंदाज में मोर्चा संभाले हुए हैं।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार बंगाल दौरे और उनके तीखे बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। हाल ही में दिए गए एक बयान में शाह ने कहा था कि वे राज्य में 15 दिनों तक डेरा डालेंगे और इस बार ममता सरकार को सत्ता से बाहर कर के ही रहेंगे।
शाह के इस बयान पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा जिले के गजोले में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह अगर 365 दिन भी बंगाल में रहें, तब भी भारतीय जनता पार्टी को कोई लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि “बंगाल के लोग उन्हें पसंद नहीं करते।” ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, “बंगाल, दिल्ली नहीं है जहां सब कुछ केंद्रीय एजेंसियों और पैसों के दम पर हो जाता है। आप 15 दिन रुकने की बात कर रहे हैं, चाहें 365 दिन भी रुक जाएं, यहां कुछ नहीं बदलने वाला।”रैली के दौरान ममता बनर्जी ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने इसके लिए बाहरी तत्वों और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।
साथ ही, Asaduddin Owaisi पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों को भड़काने में उनकी भूमिका रही है। ममता ने ओवैसी को “भाजपा की हैदराबादी कोयल” तक कह दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विशेष पुनरीक्षण कार्य में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक एक ब्लॉक कार्यालय में रोके रखा, वे स्थानीय नहीं बल्कि बाहरी लोग थे। इस घटना को उन्होंने बंगाल की गरिमा के खिलाफ बताया। बहरहाल, राज्य में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होता जा रहा है. उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल से पहले चरण का मतदान प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तीखा होने की पूरी संभावना है।






