अगरतला: नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने अगरतला कोचिंग डिपो में 345-किलोवाट-पीक (केडब्ल्यूपी) का ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक लगाकर हरित ऊर्जा पहलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस संयत्र का मकसद अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) का इस्तेमाल करना और उपलब्ध रूफटॉप जगह का ज़्यादा से ज़्यादा उपयोग करना है, जो पर्यावरण की निरंतर गुणवत्ता और ऊजा दक्षता के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
एनएफआर के अनुसार, सोलर पावर सिस्टम अभी इमारत की खपत से ज़्यादा बिजली पैदा कर रहा है, जिससे यह सुविधा असल में एक ‘नेट पॉजिटिव एनर्जी बिल्डिंग’ बन गई है। दिन के समय पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में वापस भेजा जाता है, जिससे ग्रीन एनर्जी के उत्पादन में योगदान मिलता है और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होती है। उम्मीद है कि इस पहल से ऊर्जा की लागत में काफी बचत होगी और व्यस्त समय में अधिक मांग पर निर्भरता कम होगी।
एनएफआर अधिकारियों का कहना है कि इसके अलावा, इससे पारंपरिक स्रोतों से बिजली की खपत कम करने में मदद मिलेगी, जिससे अंततः कार्बन उत्सर्जन और कुल कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी।
345 केडब्ल्यूपी का ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सयंत्र लगाना, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे की स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाने और पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित करने की चल रही प्रतिबद्धता का हिस्सा है।







