श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई गई करीब 810 ग्राम हेरोइन बरामद कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिश नाकाम कर दी। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई है।
बीएसएफ के जवानों को सोमवार सुबह श्रीकरणपुर सीमा क्षेत्र के एक खेत में संदिग्ध पैकेट पड़े होने की सूचना मिली। कंपनी कमांडर रमेशकुमार को चक 13-एसबी क्षेत्र में पैकेट मिलने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उनके नेतृत्व में बीएसएफ का दल तत्काल मौके पर पहुंचा और संदिग्ध पैकेट को कब्जे में लेकर उसकी जांच की।
जांच के दौरान पैकेट में करीब 810 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका है कि मादक पदार्थ को पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में लाकर खेत में गिराया गया था। बरामदगी के बाद बीएसएफ ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
श्रीकरणपुर क्षेत्र में सीमा पार से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तस्कर ड्रोन की मदद से छोटे-छोटे पैकेट भारतीय क्षेत्र में गिराते हैं, जिसके बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा उठाने की कोशिश की जाती है।
बीएसएफ के अनुसार, पिछले छह महीनों में इस क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
बीएसएफ की 118वीं वाहिनी के कमांडेंट कमलसिंह राठौड़ के नेतृत्व में जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमा क्षेत्र में दिन-रात गश्त की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही इलाके में तलाशी और खोज अभियान शुरू किया जाता है।
बीएसएफ और स्थानीय पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ के स्रोत तथा इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।







