पूर्वी सिंहभूम के सभी स्कूलों में हर घंटे अनिवार्य वाटर ब्रेक, डीएसई का निर्देश

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाया है। जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) आशीष कुमार पांडेय ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए हर घंटे अनिवार्य वाटर ब्रेक लागू करने का आदेश दिया है। डीएसई ने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी में बच्चों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नए निर्देश के तहत हर घंटे स्कूलों में घंटी बजाकर वाटर ब्रेक दिया जाएगा, ताकि सभी छात्र नियमित रूप से पानी पी सकें। साथ ही शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि कोई भी बच्चा लू की चपेट में न आए। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को कई जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। वाटर ब्रेक के दौरान छात्रों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए घड़े, सुराही या फिल्टर पानी का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, मध्याह्न भोजन केवल छायादार स्थान पर परोसने और हाथ धोने की व्यवस्था भी छांव में करने को कहा गया है। इसके अलावा, छात्रों को स्कूल आते-जाते समय सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढकने की सलाह दी गई है। स्कूल परिसरों में ओआरएस, ग्लूकोज और प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाकर ही स्कूल भेजें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बच्चों को गर्मी से राहत देने के साथ उनके स्वास्थ्य की दीर्घकालिक सुरक्षा में भी मददगार साबित होगी।

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