Lower court's decision overturned, AIADMK leader Palaniswami gets big relief

चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को बड़ी राहत दी है। दरअसल, अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनके महासचिव चुने जाने पर सवाल उठाए गए थे। जुलाई 2022 को एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल यानि पार्टी की बड़ी बैठक हुई थी। इस बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए और पलानीस्वामी को पार्टी का महासचिव घोषित किया गया। लेकिन सूर्यमूर्ति नाम के एक व्यक्ति ने कोर्ट में याचिका डालकर कहा कि यह चुनाव ठीक तरीके से नहीं हुआ है और पास किए गए प्रस्ताव भी अवैध हैं।

चेन्नई की सिविल कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की। पलानीस्वामी ने कोर्ट से कहा था कि यह केस खारिज किया जाए क्योंकि सूर्यमूर्ति पार्टी के सदस्य ही नहीं हैं। लेकिन सिविल कोर्ट ने पलानीस्वामी की इस दलील को खारिज कर दिया और केस को आगे बढ़ाया। अब मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश पलट दिया। जज ने साफ कहा कि सूर्यमूर्ति 2018 से पार्टी के सदस्य ही नहीं हैं। जब कोई व्यक्ति पार्टी का सदस्य ही नहीं है, तो वह पार्टी के फैसलों को चुनौती नहीं दे सकता। इसलिए सूर्यमूर्ति की याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया।

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पलानीस्वामी की टीम ने अदालत में यह भी दलील दी कि सूर्यमूर्ति ने 2021 विधानसभा चुनाव में खुद पलानीस्वामी के खिलाफ एदप्पाडी सीट से चुनाव लड़ा था। यानि वह न केवल सदस्य नहीं हैं बल्कि राजनीतिक रूप से विरोधी भी हैं। ऐसे में उनका याचिका दाखिल करना तर्कसंगत नहीं है। इस फैसले के बाद पलानीस्वामी की स्थिति पार्टी के भीतर और भी मजबूत हो गई है। महासचिव के रूप में उनके चुनाव को लेकर जो कानूनी पेंच था, वह अब खत्म हो गया है। यह फैसला एआईएडीएमके के लिए भी अहम है क्योंकि इससे पार्टी के अंदरूनी विवाद काफी हद तक शांत हो सकते हैं और पलानीस्वामी का नेतृत्व और मजबूत हो जाएगा।