Kashi sets new global record, plants 2,51,446 saplings in one hour

वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी ने रविवार को पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अपना नाम अंकित कर लिया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ ने एक घंटे में 2,51,446 पौधे सफलतापूर्वक रोपकर चीन के आठ वर्ष पुराने विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषि नाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को यह नया कीर्तिमान प्रमाणित करते हुए आधिकारिक प्रमाण-पत्र सौंपा। गिनीज टीम सुबह से ही मौके पर मौजूद रही और ड्रोन कैमरों तथा आधुनिक डिजिटल गणना प्रणाली के माध्यम से रोपण की सटीक पुष्टि की गई।

अब तक एक घंटे में सर्वाधिक पौधरोपण का रिकॉर्ड चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी के नाम था, जिन्होंने 10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधे रोपे थे। वाराणसी ने मियावाकी तकनीक और विशाल जनभागीदारी के माध्यम से न केवल इस रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि इसे काफी पीछे छोड़ दिया। इस ‘शहरी वन’ को 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसे 60 सेक्टरों में विभाजित किया गया। प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों—दशाश्वमेध, ललिता, नया, मणिकर्णिका, केदार, चौशट्टी, मानमंदिर और शीतला आदि—के नाम पर रखा गया है। भविष्य में ये वृक्ष विकसित होकर गंगा तट पर ‘मिनी काशी’ का हरियाली से भरा स्वरूप प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक सेक्टर में औसतन 4,000 से अधिक पौधे रोपे गए।

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इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन, बांस जैसी 27 देशी प्रजातियां, आम, अमरूद, पपीता जैसे फलदार वृक्ष तथा अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय जैसी औषधीय प्रजातियां शामिल हैं। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ नगर निगम के लिए भविष्य में आय का स्रोत भी बनेगी। इस ऐतिहासिक अभियान में भारतीय सेना (39 जीटीसी, 34 जीटीसी, 39 जीआर, 137 सीएफटीएफ-टीए), एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, नागरिक सुरक्षा, उत्तर प्रदेश पुलिस (36 व 39 वाहिनी पीएसी), नमामि गंगे, वन विभाग, कृषि विभाग, डूडा और नगर निगम की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। काशी विद्यापीठ, यूपी कॉलेज, देहरादून पब्लिक स्कूल, मुकुलारेंडम स्कूल के हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवकों ने इसे जन-आंदोलन का रूप दिया। कार्यक्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, अश्वनी त्यागी तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल उपस्थित रहे। महापौर ने भावुक होकर कहा, “यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का अनुपम संगम है।”