Judicial employees suspend agitation

बक्सर। बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ ने गुरुवार को अपनी प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर त्वरित संज्ञान लेने और उच्च स्तरीय समिति गठित कर समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद लिया गया। संघ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि न्यायालय कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों,जिनमें प्रोन्नति, वेतन पुनरीक्षण/वेतन निर्धारण, पदों का वर्गीकरण तथा अनुकंपा नियुक्ति जैसे सेवा-संबंधी मुद्दे शामिल हैं को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार किया।

संघ के प्रतिनिधियों को उच्च न्यायालय में आमंत्रित कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना गया। इसके बाद एक पुनर्गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा इन मांगों पर सम्यक एवं समयबद्ध विचार किए जाने का आश्वासन दिया गया है। संघ को यह भी सूचित किया गया है कि समिति की आगामी बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर विस्तृत विमर्श किया जाएगा।

GNSU Admission Open 2026

KATHA CONCERT KOLKATA

संघ ने मुख्य न्यायाधीश की इस सकारात्मक एवं रचनात्मक पहल का स्वागत करते हुए आंदोलन को फिलहाल स्थगित रखने की घोषणा की है। हालांकि, संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं और उनके शीघ्र समाधान की अपेक्षा की जा रही है। बयान में कहा गया कि न्यायालय कर्मचारी न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान न्यायिक कार्यों की दक्षता को सुदृढ़ करेगा।