फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 1,200 लोग हिरासत में
Violent protests in France against inflation; 1,200 people taken into custody

पेरिस (फ्रांस)। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु के अनुसार, अशांति के दौरान अब तक करीब 1,200 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 150 पुलिसकर्मी और सुरक्षा अधिकारी घायल हुए हैं।

प्रधानमंत्री लेकोर्नु ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों और घायलों से जुड़े आंकड़ों को लगातार अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे सुरक्षा अधिकारियों को भी चोटें आई हैं।

GNSU Admission Open 2026

कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी

महंगाई के विरोध में शनिवार को फ्रांस के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, लूटपाट और सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, स्टन ग्रेनेड और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, लिमोज, मार्सिले और लिले में उपद्रवी तत्वों ने टाउन हॉल में घुसकर तोड़फोड़ की। लिमोज में टाउन हॉल की निचली मंजिल पर आग लगा दी गई, जो बाद में इमारत की छत तक फैल गई। वहीं, ल्योन में एक पर्यटक कार्यालय को निशाना बनाया गया। यहां लूटपाट के बाद आगजनी की घटना भी सामने आई।

प्रदर्शनों में लाखों लोगों की भागीदारी

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फ्रांसभर में हुए विरोध प्रदर्शनों में लगभग 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें करीब 1.10 लाख प्रदर्शनकारी राजधानी पेरिस में शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख नाराजगी बढ़ती महंगाई और वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर रही। हिंसक घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है।

फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना से जुड़े आंकड़ों में बदलाव संभव है। फ्रांस में स्थिति को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।