आइची-नागोया (जापान)। एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय एथलीट सुवर्णा राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने 15.66 मीटर की दूरी तक डिस्कस फेंककर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया।
आइची-नागोया में आयोजित इस स्पर्धा में सुवर्णा राज ने शुरुआत से ही निरंतरता और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया। उनके छह प्रयासों में से पांच में डिस्कस 15 मीटर से अधिक की दूरी तक पहुंचा। इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में उनकी मजबूती को दर्शाया। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 15.66 मीटर की दूरी हासिल की, जो उनके स्वर्ण पदक जीतने वाला प्रदर्शन साबित हुआ।
प्रतियोगिता के दौरान सुवर्णा ने दबाव के बीच धैर्य बनाए रखा और लगातार अच्छे प्रयास किए। डिस्कस थ्रो जैसी तकनीकी स्पर्धा में खिलाड़ी की ताकत के साथ-साथ संतुलन, सटीकता और प्रयासों में निरंतरता भी महत्वपूर्ण होती है। सुवर्णा ने इन पहलुओं का बेहतर तालमेल दिखाते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
एफ54 वर्ग पैरा एथलेटिक्स की उन श्रेणियों में शामिल है, जिनमें बैठकर थ्रो करने वाले खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस वर्ग में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन उनकी थ्रो की दूरी के आधार पर किया जाता है। सुवर्णा का 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास उन्हें इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाने में सफल रहा।
एशियाई पैरा खेलों में सुवर्णा राज की यह उपलब्धि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी सफलता देश के पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा, मेहनत और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सामने लाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रदर्शन से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और पैरा खेलों को नई पहचान मिलती है।
सुवर्णा राज ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि निरंतर अभ्यास, तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास के दम पर बड़े खेल आयोजनों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा सकती है। उनके स्वर्ण पदक से एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत के अभियान को मजबूती मिली है।







