वाशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वर्ष 2028 में आर्टेमिस-चार मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की तैयारियां तेज कर दी हैं। एजेंसी इस महत्वाकांक्षी मिशन को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए तकनीकी आवश्यकताओं में बदलाव करने और मिशन की तैयारियों को गति देने पर काम कर रही है।
नासा के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने बताया कि एजेंसी का प्रमुख उद्देश्य 2028 में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से चंद्रमा की सतह पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मिशन के माध्यम से चंद्रमा पर मानव की वापसी के साथ भविष्य में वहां लंबे समय तक मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति की तैयारी
आइजैकमैन के अनुसार, नासा की योजना है कि जब अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरें, तब वहां रोवर और मानव उपस्थिति स्थापित करने के लिए जरूरी शुरुआती उपकरण उपलब्ध हों। इससे चंद्रमा की सतह पर आगे की गतिविधियों और संभावित दीर्घकालिक अभियानों की नींव तैयार करने में मदद मिल सकती है।
नासा के इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि वहां भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधान और खोजों के लिए आवश्यक आधार तैयार करना भी है। हालांकि, मिशन की सफलता तकनीकी तैयारियों और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जरूरी प्रणालियों के विकास पर निर्भर करेगी।
स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन भी जुटीं
नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के प्रबंधक जेरेमी पार्सन्स ने बताया कि चंद्रमा पर उतरने वाले लैंडिंग मॉड्यूल के विकास पर दो निजी कंपनियां समानांतर रूप से काम कर रही हैं। इनमें एलन मस्क की स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन शामिल हैं।
पार्सन्स ने कहा कि नासा की टीम 2028 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। एजेंसी दोनों कंपनियों की प्रगति पर नजर रखेगी और अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन करने से पहले यथासंभव समय लेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों कंपनियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर लैंडिंग की दिशा में काम कर रही हैं। नासा की योजना के अनुसार, आर्टेमिस-चार मिशन चंद्रमा पर मानव की वापसी और वहां भविष्य में स्थायी उपस्थिति विकसित करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।







