लंदन। ब्रिटेन की आतंकवाद रोधी पुलिस फेयरफोर्ड हवाईअड्डे के पास हुई एक घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के संभावित ईरान संपर्क की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों ने इस संभावित संपर्क के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है।
स्काई न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गिरफ्तार किए गए लोगों का ईरान से किसी तरह का संबंध है या नहीं। यह जांच ऐसे समय में सामने आई है जब ब्रिटेन और ईरान के बीच सुरक्षा संबंधी तनाव बना हुआ है।
ब्रिटिश पुलिस ने इससे पहले विस्फोटक अधिनियम के तहत संभावित अपराधों के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों की अमेरिकी खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक मामले में किसी विदेशी सरकार की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि क्या ईरान का फेयरफोर्ड हवाईअड्डे से जुड़ी किसी कथित साजिश से कोई संबंध है। इस हवाईअड्डे पर अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमानों की तैनाती का इतिहास रहा है। फेयरफोर्ड को यूरोप में अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमानों के लिए महत्वपूर्ण ठिकानों में गिना जाता रहा है और अतीत में इसका इस्तेमाल इराक तथा तत्कालीन यूगोस्लाविया के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए किया गया था।
फेयरफोर्ड की रणनीतिक भूमिका के कारण यह हवाईअड्डा पहले भी विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। अमेरिका की सैन्य गतिविधियों और हवाईअड्डे के इस्तेमाल को लेकर यहां समय-समय पर प्रदर्शन होते रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए फेयरफोर्ड हवाईअड्डे के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। ब्रिटिश सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया था कि अमेरिकी विमान वहां से केवल “रक्षात्मक” अभियानों के लिए काम कर सकते हैं।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने संभावित ईरान संपर्क को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों और मामले की आगे की कार्रवाई को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से अधिक जानकारी का इंतजार है।







