फगवाड़ा। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने सऊदी अरब में मौत की सजा पाए श्री चमकौर साहिब के दो युवकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि युवकों के परिजनों की मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और कूटनीतिक माध्यमों से संभावित राहत के विकल्प तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
फिल्लौर के निकट गिल विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान ग्रेवाल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस अवसर पर मेजर अंजू बाला भी मौजूद थीं। ग्रेवाल ने परिवारों को भरोसा दिलाया कि वह अपनी जिम्मेदारियों के दायरे में उनकी समस्याओं को उचित स्तर पर उठाएंगे और हरसंभव सहायता का प्रयास करेंगे।
अल्पसंख्यकों की शिकायतों के समाधान पर जोर
भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि देश के अल्पसंख्यक समुदायों की शिकायतों और समस्याओं का संस्थागत माध्यमों से समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से अपनी शिकायतें लेकर दिल्ली आने अथवा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आयोग संबंधित मामलों को उचित मंच तक पहुंचाने और शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकता है। सऊदी अरब में सजा पाए दोनों युवकों के मामले में आगे की कार्रवाई भारत और सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के स्तर पर होगी।
पंजाब में जवाबदेह शासन की वकालत
ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के संदर्भ में उन्होंने गिल क्षेत्र के लोगों से सोच-समझकर अपना प्रतिनिधि चुनने की अपील की। उन्होंने पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस दौरान उन्होंने गिल क्षेत्र में भाजपा के हलका प्रभारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एस.आर. लाधड़ के प्रशासनिक अनुभव तथा जनसेवा की सराहना की।
धार्मिक कार्यक्रम में भी हुए शामिल
अपने दौरे के दौरान ग्रेवाल ने नवरात्र के पहले दिन माता दुर्गा की ज्योति प्रज्वलित की और पत्रकारों से बातचीत की। सिख, मुस्लिम और ईसाई समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।
फिलहाल, दोनों युवकों के परिवारों को केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाए जाने और संभावित राहत के लिए प्रयास करने का आश्वासन मिला है। आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।







