भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर, 100% भारतीय निर्यात टैक्स-फ्री

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस समझौते को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के उनके समकक्ष टॉड मैक्ले की मौजूदगी में अंतिम रूप दिया गया। इस एफटीए की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लागू होते ही न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। अब तक करीब 450 उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक का शुल्क लगता था, जिसे समाप्त कर दिया गया है। इससे कपड़ा, चमड़ा, सिरेमिक, कालीन और ऑटोमोबाइल सेक्टर को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, भारत ने भी न्यूजीलैंड से आने वाले लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ में छूट या कमी की है। हालांकि, देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है। समझौते के तहत विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा, छात्रों और पेशेवरों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। भारतीय छात्र अब न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान सप्ताह में 20 घंटे काम कर सकेंगे और उन्हें पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का लाभ मिलेगा। साथ ही, कुशल पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी वीजा और युवाओं के लिए वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम की सुविधा भी दी गई है। इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत के वैश्विक आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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