नयी दिल्ली। भारत और भूटान ने ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा संबंधी समझौते का स्वागत किया है। दोनों देशों ने जलविद्युत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भूटान में भारतीय कंपनियों की भागीदारी पर भी संतोष जताया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भूटान यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शुभारंभ भी किया गया।
इन परियोजनाओं में मोंगर में 65 बिस्तरों वाले ग्याल्त्सुएन जेत्सुन पेमा मातृ एवं शिशु अस्पताल का उद्घाटन, राष्ट्रीय पशु प्रजनन केंद्र के लिए भारत से 43 जर्सी गायों का स्थानांतरण, पूर्वी भूटान में जिगनाथन पुल का शुभारंभ, भूटान सरकार को 54 इलेक्ट्रिक वाहन सौंपना और 500 किलोवाट की लुनाना जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखना शामिल है।
दोनों देशों ने मार्च 2024 में तय ऊर्जा साझेदारी के साझा दृष्टिकोण को लागू करने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-2 जलविद्युत परियोजना के उद्घाटन और शुल्क प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर तथा 1,200 मेगावाट की पुनात्सांगछू-1 परियोजना में बांध निर्माण दोबारा शुरू होने का भी उल्लेख किया गया।
भूटान ने अपनी 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत के समर्थन की सराहना की। भारत ने भूटान के विकास लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
दोनों पक्षों ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत ने असम के हातिसार में आव्रजन जांच चौकी स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, भूटान ने गेलेफू के सामने हातिसार में तीसरे देशों के नागरिकों के लिए विशेष अस्थायी आव्रजन सुविधा स्थापित करने के भारत के फैसले का स्वागत किया।
भारत-भूटान व्यापार, वाणिज्य और पारगमन समझौते के नवीनीकरण को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों ने नए भूमि सीमा शुल्क केंद्र, सीमा पार रेल संपर्क, डिजिटल भुगतान और अंतरिक्ष सहयोग में हुई प्रगति पर भी चर्चा की।
शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने भूटानी छात्रों के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्ति के तहत सीटें 30 से बढ़ाकर 60 करने और नालंदा विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति योजना के तहत सीटें 30 से बढ़ाकर 55 करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने हिमनद, वन संसाधन, बाढ़ और कृषि जैसे क्षेत्रों में उपग्रह आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए अपनी उम्मीदवारी के समर्थन पर भूटान का आभार जताया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर विचार साझा किए।







