कोच्चि: भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से जुड़े कानूनों और नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। संस्थान इस संबंध में सरकार के साथ विचार-विमर्श कर रहा है और प्रस्तावित संशोधनों पर काम जारी है।
ICAI की केंद्रीय परिषद के सदस्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1949 में संस्थान की स्थापना के बाद पहली बार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट, नियमों और शेड्यूल में व्यापक बदलाव पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित संशोधनों का प्रारूप तैयार करने का काम संबंधित समिति कर रही है।
उन्होंने बताया कि समिति करीब दो महीने के भीतर अंतिम प्रारूप तैयार कर परिषद के समक्ष रखेगी। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय आवश्यक बदलावों के साथ इसे सरकार के समक्ष रखेगा और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रस्ताव संसद में पेश किया जा सकता है।
गुप्ता ने कहा कि ICAI का मानना है कि कंसल्टेंसी का काम करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर ऑडिट से जुड़े पेशेवरों जैसे कड़े नियम लागू नहीं होने चाहिए। उनके अनुसार, कड़े प्रावधान मुख्य रूप से ऑडिट कार्य करने वाले सीए पर लागू किए जाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि सीए फर्मों की अन्य पेशेवर फर्मों के साथ नेटवर्किंग से जुड़े दिशा-निर्देशों में बदलाव पर भी विचार चल रहा है। वर्तमान नियमों के तहत सीए फर्मों को दूसरे पेशे के फर्मों के साथ नेटवर्किंग की अनुमति नहीं है। प्रस्तावित बदलाव के बाद इसमें कुछ गुंजाइश बनने की संभावना है। इस मुद्दे पर ICAI की संबंधित समिति में चर्चा हो चुकी है और आगे सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।







