Fake passport racket busted in Ghaziabad, 5 accused including postman arrested

नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक डाकिये समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला सहित कुल 26 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह गिरोह फर्जी पते, जाली कागजात और एक ही मोबाइल नंबर के जरिए कई पासपोर्ट हासिल कर रहा था।

पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि इस रैकेट का खुलासा दिसंबर में उस समय हुआ, जब क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने पुलिस को पत्र लिखकर कुछ संदिग्ध आवेदनों की जानकारी दी। जांच में सामने आया कि एक ही पते पर कई पासपोर्ट जारी किए गए थे और आवेदनों में बार-बार एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने जब पते की भौतिक जांच की, तो पाया गया कि आवेदक वहां रहते ही नहीं थे।

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जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस रैकेट में विभागीय कर्मचारी भी शामिल थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डाकिया अरुण कुमार का नाम प्रमुख है। पुलिस के अनुसार, अरुण कुमार पासपोर्ट और उससे जुड़े दस्तावेजों को आवेदकों के बताए गए पतों पर पहुंचाने के बजाय सीधे गिरोह के सदस्यों को सौंप देता था। इसके बदले वह प्रति पासपोर्ट करीब दो हजार रुपये लेता था।

पूछताछ में अरुण कुमार ने खुलासा किया कि करीब पांच महीने पहले प्रकाश सुब्बा और विवेक नाम के दो लोगों ने उससे संपर्क किया था और इस अवैध काम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। पुलिस का मानना है कि यह रैकेट केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।