Dilip Ghosh appeals for 'Hindu unity' ahead of Bengal elections

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है और राज्य सरकार इसमें पूरी तरह विफल साबित हुई है।

दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं, विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं और जब भाजपा कोई कार्यक्रम आयोजित करती है तो पुलिस उनके झंडे तक उतरवा देती है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस और स्थानीय गुंडों की मिलीभगत से यह सब हो रहा है। घोष के मुताबिक, हिंदू समुदाय को जानबूझकर डर और असुरक्षा के माहौल में धकेला जा रहा है।

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भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों से हिंदू परिवार पलायन कर मालदा की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है। घोष ने हिंदू समुदाय से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू अपने हितों की रक्षा के लिए खुद आगे आएं और ऐसे नेताओं को चुनें जो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

इस बयान के साथ ही चुनावी बयानबाजी और तेज हो गई है। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। टीएमसी, जो राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, ने अब तक बंगाल में कांग्रेस या अन्य सहयोगी दलों के साथ गठबंधन को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के हालिया बयान ने भी राजनीतिक बहस को और हवा दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव को “करो या मरो” की लड़ाई बताते हुए हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की थी। इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में ध्रुवीकरण और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।