Defense Minister Rajnath Singh and Chief Minister Yogi Adityanath's emphasis on development in Lucknow

लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के विकास को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश में जो भी विकास हो पाया है, उसके पीछे इन दोनों नेताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। यह योगदान ही प्रदेश में तेज़ी से हो रहे विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह बना है। उन्होंने उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक मिनट तक तालियां बजाकर इन दोनों नेताओं का सम्मान करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से नितिन गडकरी द्वारा लखनऊ के लिए स्वीकृत किए गए प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक घटना है। महाकुंभ, जो 13 जनवरी को प्रारंभ हुआ था, अब तक 50 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डुबकी लगाई है, जिससे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश गया। इस आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करीब तीन लाख करोड़ रुपये का लाभ होगा। योगी ने इसे “नया उत्तर प्रदेश” बताया, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति के माध्यम से विकास का संदेश दे रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य सहित भाजपा के कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में रामराज्य स्थापित करने में सफलता पाई है। गडकरी ने कहा कि अगर हमें अपने देश को विश्वगुरु बनाना है तो हमें इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देना होगा। उनका मानना था कि व्यापारी उन्हीं राज्यों में निवेश करते हैं जहाँ सड़कें अच्छी हों, कानून व्यवस्था बेहतर हो और लॉजिस्टिक लागत कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लॉजिस्टिक की कीमत अभी भी अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है। उनका उद्देश्य है कि लॉजिस्टिक की कीमतें सिंगल डिजिट तक पहुंचें, ताकि देश और प्रदेश में निवेश बढ़े।

इस कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश में विकास को लेकर एक मजबूत दिशा तय की गई है और सरकार इन प्रयासों के जरिए प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश कर रही है।