Decision today in Rajdev Ranjan murder case after 9 years

सीवान: चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में आज 9 साल बाद अदालत अपना फैसला सुनाने वाली है। 13 मई 2016 को हुई इस हत्या ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन ने कोर्ट के फैसले से पहले कहा, ‘लंबे अरसे बाद आज वह दिन आया है जब न्यायालय अपना निर्णय देगा। मेरी यही इच्छा है कि मेरे पति के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।’ आशा रंजन ने बताया कि घटना के दिन शाम को राजदेव दफ्तर से एक रिश्तेदार को अस्पताल में देखने गए थे। वहां से लौटते समय अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। एक गोली उनकी आंखों के बीच और दूसरी गर्दन पर लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

हत्या के बाद तत्कालीन भाजपा सांसद ओमप्रकाश यादव ने आशा रंजन से मुलाकात कर बताया था कि रंजन के परिवार को पहले से धमकियां मिल रही थीं। सीवान पुलिस ने जांच के दौरान 7.65 एमएम की पिस्तौल और तीन मोटरसाइकिल बरामद कीं। जांच में शहाबुद्दीन के करीबी लड्डन मियां पर संदेह जताया गया, हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने जांच में खुलासा किया कि हत्या साजिश के तहत की गई थी।

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इसमें कथित रूप से छह आरोपी शामिल पाए गए – अजहरुद्दीन बेग, रोहित कुमार सोनी, विजय कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, सोनू कुमार गुप्ता और रिशु कुमार जायसवाल। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के छहों आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया था। करीब नौ साल तक चली गवाहों की गवाही और सुनवाई के बाद दो महीने पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। बीते गुरुवार को ही फैसला आना था, लेकिन एक अभियुक्त की गैरहाजिरी के कारण तारीख बढ़ा दी गई। अब आज कुछ ही देर में फैसला सुनाया जाएगा। आशा रंजन ने कहा कि उनके पति की मौत पर कई लोगों ने राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, लेकिन उनके परिवार को उतनी मदद नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा – “पति की हत्या के बाद मेरे सामने बच्चों की परवरिश और पढ़ाई की बड़ी चिंता खड़ी हो गई थी। मेरी जिंदगी बेहद मुश्किल भरी हो गई।”