Congress taunts Modi's 'good friend', accuses him of repeating the same thing 70 times

नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों पर अब भारतीय राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनके “अच्छे मित्र” डोनाल्ड ट्रंप एक ही बात को अब तक 70 बार दोहरा चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि मंगलवार को ट्रंप ने एक ही दिन में दो बार यह दावा किया कि 10 मई 2025 को भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने में उनकी निर्णायक भूमिका रही। जयराम रमेश के मुताबिक, पहले यह गिनती 68 थी, लेकिन अब यह बढ़कर 70 हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जिनसे कई बार “जबरन गले मिले”, वही मित्र लगातार यह श्रेय खुद ले रहे हैं।

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दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्ध समाप्त कराए हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए दावा किया कि दोनों देशों के बीच संघर्ष में आठ विमान गिराए गए थे और उनके हस्तक्षेप से हालात काबू में आए। ट्रंप ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि उनके प्रयासों से करोड़ों लोगों की जान बची।

हालांकि, भारत सरकार पहले ही इन दावों को खारिज कर चुकी है। भारत का आधिकारिक रुख यह रहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) के संपर्क के बाद लिया गया था, न कि किसी तीसरे देश के दबाव या मध्यस्थता के कारण। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि भारत-पाकिस्तान के मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इसमें किसी बाहरी मध्यस्थ की भूमिका स्वीकार नहीं की जाती।

कांग्रेस का कहना है कि ट्रंप के इन दावों से भारत की विदेश नीति और सैन्य फैसलों पर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वह इस पूरे मामले पर स्पष्ट बयान दें और बताएं कि आखिर सच्चाई क्या है। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री की चुप्पी ट्रंप के दावों को बल दे रही है, जिससे भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है।