Comment on CM Vijay proves costly; DMK MLA arrested.

तमिलनाडु : तमिलनाडु में डीएमके विधायक जी. वी. मार्कंडेयन की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विधायक की गिरफ्तारी के बीच विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने कहा है कि यदि उनके पास औपचारिक शिकायत आती है तो विधानसभा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आइए, विस्तार से जानते हैं कि क्या यह मामला अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित रहेगा या विधानसभा में भी कार्रवाई होगी? तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर डीएमके विधायक जीवी मार्कंडेयन की विवादित टिप्पणी को लेकर नया मोड़ आ गया है। विधायक की गिरफ्तारी के बाद विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने साफ कहा कि इस मामले ने लोगों में नाराजगी और आक्रोश पैदा किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास किसी प्रभावित व्यक्ति या विधायक की ओर से लिखित शिकायत आती है तो वह विधानसभा के नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे। इस बयान के बाद मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विधानसभा के स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना बन गई है। तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर के बाहर किसी विधायक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को उनकी अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती।

हालांकि गिरफ्तारी के बाद स्पीकर को इसकी जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मार्कंडेयन की गिरफ्तारी के तुरंत बाद तूतीकोरिन जिले के पुलिस अधीक्षक ने उन्हें इसकी सूचना दी थी। स्पीकर ने यह भी कहा कि केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर वह कोई फैसला नहीं ले सकते। कार्रवाई शुरू करने के लिए उनके पास औपचारिक लिखित शिकायत आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति या विधानसभा का सदस्य ऐसी शिकायत दे सकता है। स्पीकर प्रभाकर ने कहा कि विधायक की टिप्पणी से जनता में गुस्सा और नाराजगी देखने को मिली है। उन्होंने माना कि मामला गंभीर है, लेकिन विधानसभा नियमों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है। इसलिए शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी कार्रवाई नियमों के तहत बनती होगी, वही की जाएगी।

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उन्होंने यह भी दोहराया कि विधानसभा परिसर के भीतर गिरफ्तारी के लिए उनकी अनुमति जरूरी होती है, लेकिन बाहर की गई गिरफ्तारी में केवल सूचना देना ही पर्याप्त होता है। डीएमके विधायक मार्कंडेयन ने 18 जुलाई को कोविलपट्टी में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर विवादित टिप्पणी की थी। वायरल वीडियो में विधायक कथित तौर पर कहते सुनाई दिए कि यदि विधानसभा को बंद किया गया तो मुख्यमंत्री की हड्डियां तोड़ दी जाएंगी। यह बयान मुख्यमंत्री की उस टिप्पणी के जवाब में बताया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के सदस्य सदन में नहीं रुकते, इसलिए विधानसभा हॉल को बंद करना पड़ सकता है।

इस बयान के बाद मामला तेजी से बढ़ा और सोमवार को पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया। करीब दस घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। विधायक की गिरफ्तारी के बाद डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना के आधार पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। स्टालिन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या तमिलनाडु में कानून का राज है या फिर किसी और तरह का शासन चल रहा है। वहीं, अस्पताल ले जाते समय विधायक मार्कंडेयन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की कोशिश की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी जान को खतरा है और पुलिस ने उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।