Chintan Shivir 3.0: Day 2 begins with yoga, discusses good governance and agricultural reforms

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 का शुभारंभ शनिवार देर शाम भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर में हुआ, जहां सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस, उभरती प्रौद्योगिकी, कृषि समृद्धि और नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर व्यापक मंथन किया गया। शिविर के दूसरे दिन रविवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने योगाभ्यास के साथ दिन की शुरुआत करते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का माध्यम बन चुका है।
शिविर के प्रथम दिन नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों और कृषि समृद्धि विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर अपने विचार रखते हुए मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन पर बल दिया।

GNSU Admission Open 2026

KATHA CONCERT KOLKATA


नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल तकनीक, ब्लॉकचेन और डेटा आधारित प्रशासन के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीक आधारित सेवा वितरण, नवाचार, रोजगार सृजन और डिजिटल समावेशन के अवसरों की भी चर्चा की।
‘कृषि से समृद्धि’ विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद और कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों की जानकारी भी दी। इस दौरान मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने समूह आधारित विचार-मंथन में भाग लिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई, जिससे फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु जैसे नवाचार भी इसी प्रक्रिया का परिणाम हैं। सेवा सेतु के माध्यम से वर्तमान में 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर के दूसरे दिन रविवार सुबह आईआईएम नवा रायपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित विशेष योग सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। नियमित योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के साथ व्यक्ति को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा भी देता है।


उन्होंने कहा कि सुशासन और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से चिंतन शिविर के दौरान दिन की शुरुआत योग से की गई, ताकि सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान, तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा शिविर से प्राप्त सुझावों को शीघ्र नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।