A grand dinosaur park will be built in Rajgir, a project worth Rs 22 crore will increase tourism attraction.

राजगीर: राजगीर की खूबसूरत वादियों में स्थित नेचर सफारी अब पर्यटकों को प्रकृति के साथ-साथ प्रागैतिहासिक दुनिया का रोमांच भी देने की तैयारी में है। ग्लास ब्रिज की सफलता के बाद यहां करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डायनासोर पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर दिया गया है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

करीब 4.5 हेक्टेयर यानी 11 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस पार्क में 29 विशाल लाइफ-साइज डायनासोर मॉडल स्थापित किए जाएंगे। इन मॉडलों को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेंसर आधारित तकनीक की मदद से डायनासोर के मॉडल आंखें झपकाने, गर्दन घुमाने और पर्यटकों के नजदीक पहुंचने पर दहाड़ने जैसे अनुभव देने में सक्षम होंगे। इससे बच्चों और परिवारों को डायनासोर की दुनिया का रोमांचक और जीवंत अनुभव मिलने की उम्मीद है।

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डायनासोर पार्क को नेचर सफारी के नेचर कैंप क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। सभी डायनासोर मॉडल तैयार किए जा चुके हैं। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद इन्हें निर्धारित स्थानों पर स्थापित करने के साथ लैंडस्केपिंग का काम भी तेज किया जाएगा। वन विभाग ने दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी कर पर्यटकों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है।

यह पार्क केवल डायनासोर के मॉडल तक सीमित नहीं रहेगा। इसे एक थीम पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां थीमैटिक लैंडस्केपिंग, आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर और पर्यटकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इंटरप्रिटेशन सेंटर में विलुप्त जीवों, पर्यावरण और प्रागैतिहासिक काल से जुड़ी जानकारी मनोरंजक तरीके से दी जाएगी।

पर्यटकों की सुविधा के लिए ग्लास ब्रिज से डायनासोर पार्क तक ‘डिनो थीम टॉय ट्रेन’ चलाने का प्रस्ताव भी है। इससे परिवार और बच्चे प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हुए पार्क तक पहुंच सकेंगे।

पार्क शुरू होने के बाद नेचर सफारी की प्रतिदिन पर्यटक क्षमता को करीब 1,000 से बढ़ाकर 2,000 करने की योजना है। ग्लास ब्रिज, नेचर सफारी, टॉय ट्रेन और डायनासोर पार्क को जोड़कर राजगीर को प्रकृति, रोमांच और विज्ञान आधारित पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार, पर्यटकों के ठहराव और जिले के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।