Home बिहार बिहार: PM मोदी के दौरे से पहले प्रशांत किशोर का तंज –...

बिहार: PM मोदी के दौरे से पहले प्रशांत किशोर का तंज – ‘मोदी जी बताएं, दिलीप जायसवाल मेडिकल कॉलेज के मालिक कैसे बने?’

458
0
Bihar: Before PM Modi's visit, Prashant Kishore taunts - 'Modi ji should tell, how did Dilip Jaiswal become the owner of the medical college?'

बिहार: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में अपने तीन दिवसीय गोपालगंज दौरे के अंतिम दिन उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रशांत किशोर ने कहा कि 2 अक्तूबर 2024 को जन सुराज अभियान ने एक राजनीतिक पार्टी का रूप ले लिया। उन्होंने दावा किया कि महज 5-6 महीनों में ही जन सुराज राज्य का सबसे बड़ा संगठन बन गया है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 1 करोड़ लोगों ने पार्टी से जुड़ाव जताया है और हर माह तीन से चार लाख लोग 10 रुपये की सदस्यता शुल्क देकर प्राथमिक सदस्य बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार बदलाव यात्रा की शुरुआत 20 मई को जेपी की जन्मभूमि सिताब दियारा से की गई थी।

इसका उद्देश्य है संपूर्ण क्रांति और व्यवस्था परिवर्तन के लिए जनता को जागरूक करना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 जून को प्रस्तावित बिहार दौरे पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा सवाल ये नहीं है कि मोदी जी बिहार आ रहे हैं, सवाल ये है कि क्यों आ रहे हैं। इसका एक ही कारण है बिहार में चुनाव हैं। लेकिन जब वो आएं, तो दो सवालों का जवाब जरूर दें। उन्होंने कहा कि पहला सवाल 2015 में आरा से उन्होंने जो 1.25 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी, उसका क्या हुआ? दूसरा सवाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जो कभी सीमांचल के एक सिख अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज में क्लर्क की नौकरी करते थे, आज उस कॉलेज के मालिक कैसे बन गए? प्रशांत किशोर ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि आज तेजस्वी यादव ‘डीके टैक्स’ पर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन जब वे नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे, तब भी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वही व्यक्ति थे जिन पर अब हमला किया जा रहा है।

GNSU Admission Open 2026

इसका सीधा मतलब यह है कि जब सत्ता में थे तो मलाई खा रहे थे, और अब जब सत्ता से बाहर हैं तो विरोध कर रहे हैं। बिहार में हाल ही में हुए प्रशासनिक तबादलों और आयोगों में की गई नियुक्तियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में हुए इन तबादलों और नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री की मर्जी नहीं है। यह काम उनके कुछ करीबी सलाहकारों और सत्ता के ताकतवर लोगों का है। नीतीश कुमार की मानसिक और शारीरिक स्थिति अब ऐसी नहीं रही कि वे ऐसे फैसले ले सकें। उनके नाम पर सत्ता के कुछ लोग अपने हित में निर्णय ले रहे हैं। 


GNSU Admission Open 2026