
बिहार : सीवान मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की मौत से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक कैदी की पहचान धनौती थाना क्षेत्र के मकरियार गांव निवासी अनिल यादव के रूप में की गई है, जिसे शराब के मामले में गिरफ्तार कर पांच जून को जेल भेजा गया था। महज छह दिन बाद यानी मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के संबंध में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि बीती रात कैदी को दो पुलिसकर्मी सीवान सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय अनिल यादव को पेट में असहनीय दर्द था और उसका पेट फूला हुआ दिखाई दे रहा था। प्रारंभिक इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार देखा गया और सुबह आठ बजे तक सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन अचानक उसकी नाड़ी की गति गिर गई और इलाज के प्रयासों के बावजूद वह बच नहीं सका।
जानकारी के अनुसार, अनिल यादव को शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और छह दिन पहले ही उसे सीवान मंडल कारा में भेजा गया था। कैदी की अचानक मौत ने जेल में कैदियों की स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों को सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इस घटना ने न केवल जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं बल्कि यह भी आशंका जताई जा रही है कि कैदी की मौत के पीछे कोई लापरवाही या अन्य कारण तो नहीं रहे। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। कैदी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतक के घरवालों ने इस मौत को संदिग्ध मानते हुए गहन जांच की मांग की है।
मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, जेल में रहन-सहन और स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। पूरे मामले पर जेल अधीक्षक देवे आशीष कुमार ने बताया कि पिछले पांच जून को वह जेल में आया था। शराब मामले में बंद था, लेकिन उसकी तबीयत पहले से भी खराब रहती थी। आठ तारीख को उसने शिकायत की थी, तबीयत खराब थी तो जेल में भी इलाज कराया गया था। उसके बाद सदर अस्पताल भेजा गया था। जहां ठीक होकर यह वापस लौट आया था। फिर अचानक 10 तारीख को रात में इसने शिकायत की सांस नहीं ले पा रहा है, पेट फूला हुआ है और पेट में दर्द है। उसके बाद इसे तुरंत डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर ने सीवान सदर अस्पताल रेफर किया, जहां उसका इलाज चला और सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है।






