कश्मीर में आतंकी भर्ती मॉड्यूल पर शिकंजा, 10 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
Crackdown on terror recruitment module in Kashmir; raids conducted at over 10 locations

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) शाखा ने घाटी में 10 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई वर्ष 2023 में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है। मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों में भर्ती कराने वाले कथित मॉड्यूल की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, सीआईके की टीमों ने श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग और सोपोर में कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली। इस मामले में श्रीनगर स्थित सीआईके पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ लोग सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल कर युवाओं को आतंकवादी विचारधारा से जोड़ने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

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अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाना और कथित गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। इस दौरान मोबाइल फोन और अन्य संचार उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि उनके संभावित दुरुपयोग और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य हासिल किए जा सकें।

सीआईके का उद्देश्य कथित आतंकवादी नेटवर्क को सहयोग देने वाले लोगों की पहचान करना भी है। जांच एजेंसियां आतंकवादियों के मददगारों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकवादी संगठन युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

फिलहाल तलाशी अभियान के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।