
सासाराम (रोहतास): दीपावली यानी रोशनी, खुशियों और अंधकार पर प्रकाश की जीत का पर्व। त्योहार आते ही बाजार रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और झालरों से सज जाते हैं। घरों को आकर्षक बनाने के लिए लोग तरह-तरह की सजावटी लाइटें खरीदते हैं। लेकिन इन चमकती रोशनियों के बीच मिट्टी के पारंपरिक दीयों की मांग लगातार कम होती जा रही है। इसका सीधा असर उन कुम्हारों पर पड़ रहा है, जिनकी पीढ़ियां इसी पारंपरिक कारोबार से अपना परिवार चलाती आई हैं।
सासाराम के बांध मोहल्ले में रहने वाले गोपाल प्रसाद पिछले 52 वर्षों से मिट्टी के दीये, खिलौने और देवी-देवताओं की मूर्तियां बना रहे हैं। वर्ष 1975 से इस काम में जुटे गोपाल प्रसाद का कहना है कि समय के साथ कारोबार की स्थिति लगातार बदलती गई है। कभी दीपावली के दिनों में मिट्टी के दीयों की इतनी मांग रहती थी कि दिन-रात मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक और चाइनीज लाइटों ने बाजार में अपनी जगह बना ली है। उनका परिवार आज भी इस पारंपरिक कला को बचाने में जुटा है, लेकिन आमदनी पहले जैसी नहीं रही। गोपाल प्रसाद के मुताबिक, उन्हें अब तक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है।
बिहार की जाति आधारित गणना के अनुसार, राज्य में कुम्हार यानी प्रजापति समुदाय की आबादी लगभग 18 लाख 34 हजार है, जो कुल आबादी का करीब 1.40 प्रतिशत है। इस समुदाय के बड़ी संख्या में परिवार पारंपरिक मिट्टी के कारोबार पर निर्भर हैं। ऐसे में यह कला केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार भी है।
कारीगरों की मुश्किलें केवल घटती मांग तक सीमित नहीं हैं। मिट्टी की उपलब्धता और उसकी बढ़ती कीमत ने भी लागत बढ़ा दी है। गोपाल प्रसाद बताते हैं कि पहले मिट्टी आसानी से मिल जाती थी, लेकिन अब इसे खरीदने के लिए भी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। दीये बनाने में मेहनत और लागत दोनों बढ़ गई हैं, जबकि बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पाती।
गोपाल प्रसाद जैसे कारीगर चाहते हैं कि सरकार पारंपरिक कलाकारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाए, उन्हें आर्थिक सहायता दे और मिट्टी से बने उत्पादों को प्रोत्साहित करे।
ऐसे में इस दीपावली हमारी छोटी-सी पहल इन परिवारों के लिए बड़ी मदद बन सकती है। इलेक्ट्रॉनिक लाइटों के साथ मिट्टी के दीये भी खरीदें, ताकि त्योहार की रोशनी उन कारीगरों के घरों तक भी पहुंचे, जो वर्षों से हमारी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं।
इसी संदेश के साथ जागृति टाइम्स की पूरी टीम की ओर से आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। शुभ दीपावली!






