होशियारपुर। पंजाब के खरड़ स्थित उपमंडल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी (ईएमओ) के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीसीएमएसए) ने कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन ने राज्य के सभी उपमंडल अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण को लागू करने के लिए 12 नवंबर की अंतिम समयसीमा तय की है।
पीसीएमएसए के पंजाब अध्यक्ष डॉ. अखिल सरीन ने रविवार को जारी बयान में बताया कि संगठन को घटना के संबंध में शिकायत मिली है। शिकायत के अनुसार, कथित हमलावर ने महिला डॉक्टर के बाल पकड़कर उन्हें कई मिनट तक जमीन पर दबाए रखा। इस दौरान डॉक्टर का सामान क्षतिग्रस्त होने और कपड़े फाड़े जाने का भी आरोप है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एसोसिएशन ने कहा कि घटना के समय अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। इस मामले ने चिकित्सा सेवा संवर्ग के सदस्यों में चिंता और नाराजगी पैदा की है। संगठन ने घटना की निंदा करते हुए पीड़ित महिला डॉक्टर के प्रति एकजुटता व्यक्त की और अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग
पीसीएमएसए के अनुसार, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और मेडिकेयर अधिनियम समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर खरड़ के थाना प्रभारी से संपर्क किया गया है। एसोसिएशन ने मामले में उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है।
287 सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग
एसोसिएशन ने पंजाब के सभी उपमंडल अस्पतालों में 287 सुरक्षा गार्ड तैनात करने की अपनी मांग भी दोहराई है। संगठन के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के स्तर पर विचार किया जा रहा है और इसे जल्द लागू करने की आवश्यकता है।
पीसीएमएसए ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण को लागू करने के लिए 12 नवंबर अंतिम समयसीमा होगी। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी भय के मरीजों को चिकित्सा सेवाएं दे सकें।







