चंडीगढ़। हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस जारी किए जाने को लेकर बढ़ते विरोध के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विशेष बैठक बुलाई है। बैठक 21 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित उनके कार्यालय में आयोजित होगी। इसमें बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।
इस बैठक का उद्देश्य समानांतर लाइसेंस जारी करने के फैसले के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करना और कर्मचारी संगठनों की चिंताओं को सुनना है। ऊर्जा मंत्री की पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर इस फैसले के विरोध में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों और अधिकारियों को बुलावा
बैठक में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल), हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) के प्रबंध निदेशकों को भी बुलाया गया है।
पंचकूला और हिसार से संबंधित अधिकारियों के साथ एचवीपीएनएल के निदेशक/तकनीकी को भी बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। बैठक में कर्मचारी संगठनों की आपत्तियों और लाइसेंस जारी करने के फैसले से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान
हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने 19 अक्टूबर को गुरुग्राम और नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस जारी किए थे। इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के विभिन्न संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। संगठनों ने 22 से 24 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
संगठनों ने इस मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। इसके बाद मंत्री ने विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया।
अब सभी की नजरें चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसमें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से आगे की रणनीति तय करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हड़ताल को लेकर अंतिम स्थिति बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।







