देवरिया (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में झोपड़ी में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जलकर मौत हो गई, जबकि एक विवाहिता गंभीर रूप से झुलस गई। घटना भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव की है। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नोनापार गांव निवासी जितेंद्र प्रसाद (32) अपनी पत्नी लीला, तीन वर्षीय बेटी शनि और भाई बालकिशन के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी झोपड़ी उसकी चपेट में आ गई।
इस हादसे में जितेंद्र प्रसाद, उनकी तीन वर्षीय बेटी शनि और भाई बालकिशन की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं, जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के दौरान चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने पुलिस को भी सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य किया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल लीला को उपचार के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाते हुए आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि झोपड़ी में आग कैसे लगी। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से नोनापार गांव में मातम पसरा है। हादसे ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। स्थानीय लोग घटना पर दुख व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।







