
सासाराम: विजयादशमी के पावन अवसर पर बिहार के सासाराम शहर में भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न मोहल्लों में भव्य भंडारे और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में स्थानीय नागरिकों के साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सासाराम के जानी बाजार, शेरगंज, कोठा टोली, बस्ती मोड़ बांध, सुक्खा रौजा और चमरतकिया समेत कई इलाकों में भंडारे के लिए विशेष पंडाल लगाए गए थे। सुबह से ही इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था का ध्यान रखा, ताकि सभी लोग सहजता से प्रसाद प्राप्त कर सकें।
शेरगंज में छात्र संघ की विशेष पहल
शेरगंज में आयोजित भंडारे के दौरान छात्र संघ की ओर से एक विशेष धार्मिक पहल की गई। छात्र संघ के प्रतिनिधि बलराम कुमार ने बताया कि संगठन हर वर्ष की तरह इस बार भी भंडारे के माध्यम से सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। इस वर्ष आयोजन को विशेष बनाने के लिए श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ श्री हनुमान चालीसा की प्रतियां भी निःशुल्क वितरित की गईं।
बलराम कुमार के अनुसार, हनुमान चालीसा का सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। अनेक परिवार नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं। इसी धार्मिक आस्था और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को हनुमान चालीसा भेंट करने का निर्णय लिया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को धार्मिक ग्रंथों और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना है।
सेवा और आस्था का संदेश
पूरे शहर में आयोजित भंडारों के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। ‘जय श्रीराम’ और ‘जय माता दी’ के जयकारों से आयोजन स्थल गूंजते रहे। स्थानीय लोगों ने छात्र संघ की इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा को बढ़ावा देने वाला प्रयास बताया।
विजयादशमी पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने सासाराम में सेवा, सद्भाव और धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था को एक बार फिर उजागर किया।






