दशहरा पर सोनी सब के कलाकारों ने साझा कीं पारिवारिक परंपराएं
Sony SAB actors share family traditions for Dussehra

मुंबई। दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों, सांस्कृतिक परंपराओं और बचपन की यादों को संजोने का भी अवसर है। इसी भावना के साथ सोनी सब के कलाकार गुलकी जोशी, टोरल रसपुत्रा, जितेन लालवानी, मुकुल हरीश और अक्षया हिंदलकर ने दशहरा से जुड़ी अपनी खास परंपराओं और यादगार अनुभवों को साझा किया।

कलाकारों ने बताया कि पूजा-पाठ, पारिवारिक मेल-मिलाप, पारंपरिक पकवान और स्थानीय रीति-रिवाज इस त्योहार को खास बनाते हैं। उनके अनुसार, दशहरा का संदेश जीवन में सकारात्मकता अपनाने और कठिन परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

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पारिवारिक पूजा और बड़ों का आशीर्वाद

सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में कुंती की भूमिका निभा रहीं टोरल रसपुत्रा ने बताया कि उनके परिवार में दशहरा के दिन छोटी-सी पूजा करने और बड़ों का आशीर्वाद लेने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार उन्हें अपनी जड़ों और पारिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने की याद दिलाता है। उनके मुताबिक, अच्छाई की जीत का संदेश सही कार्य करने के लिए साहस और दृढ़ विश्वास बनाए रखने की सीख देता है।

इसी धारावाहिक में द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले जितेन लालवानी ने कानपुर में बिताए बचपन को याद किया। उन्होंने बताया कि नवीन मार्केट में होने वाला रावण दहन उनके लिए दशहरा का सबसे यादगार अनुभव रहा है। उनके चाचा की वहां दुकान थी और परिवार के लोग इमारत की छत से आतिशबाजी तथा रावण दहन देखते थे। मुंबई में त्योहार मनाने का तरीका अलग होने के बावजूद ये यादें आज भी उनके दिल के करीब हैं।

परिवार के साथ भोजन और पारंपरिक पकवान

‘यादें’ में डॉ. सृष्टि की भूमिका निभा रहीं गुलकी जोशी ने कहा कि दशहरा परिवार के साथ समय बिताने और छोटी-छोटी खुशियों को संजोने का अवसर है। पूजा के बाद पूरे परिवार का एक साथ भोजन करना उनकी पसंदीदा परंपराओं में शामिल है।

वहीं, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में टाइगर की भूमिका निभाने वाले मुकुल हरीश ने बताया कि वह दशहरा की शुरुआत फाफड़ा-जलेबी के साथ करना पसंद करते हैं। उनके परिवार में वाहनों की पूजा भी की जाती है, जिसमें सुरक्षा, समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है।

मराठी परंपरा में सोने का प्रतीक आपटा के पत्ते

‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में राशि की भूमिका निभा रहीं अक्षया हिंदलकर ने मराठी परिवार की खास परंपरा साझा की। उन्होंने बताया कि दशहरा पर आपटा के पत्तों को सोने का प्रतीक मानकर एक-दूसरे को दिया जाता है और ‘सोना घ्या, सोन्यासारखे रहा!’ कहकर शुभकामनाएं दी जाती हैं।

कलाकारों के मुताबिक, दशहरा की असली खूबसूरती परिवार के साथ बिताए गए पलों, सांस्कृतिक विरासत और अच्छाई को अपनाने के संदेश में है।