दिल्ली में गरबा आयोजनों की निगरानी की मांग, विहिप ने पुलिस को लिखा पत्र
Demand for monitoring of Garba events in Delhi; VHP writes to police

नयी दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों की सख्त निगरानी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि नवरात्रि के दौरान होने वाले इन आयोजनों में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस संबंध में विहिप ने दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

विहिप के दिल्ली प्रांत के मंत्री सुनील सूरी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद और कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा को पत्र भेजा है। पत्र में गरबा कार्यक्रमों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप बनाए रखने पर जोर

सुनील सूरी ने अपने पत्र में कहा कि नवरात्रि मां दुर्गा और मां शक्ति की आराधना का पर्व है। गरबा इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। इसलिए आयोजनों में भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति की झलक बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरबा कार्यक्रमों को नाइट क्लब या सामान्य पार्टी के स्वरूप में बदलने से बचाया जाना चाहिए।

विहिप ने दावा किया कि उसे कुछ आयोजनों को लेकर शिकायतें मिली हैं। संगठन ने आशंका जताई कि गरबा के नाम पर कुछ स्थानों पर कार्यक्रमों के मूल सांस्कृतिक स्वरूप में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, इन शिकायतों और आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग

संगठन ने आयोजनों में पहचान छिपाकर प्रवेश करने, गलत विवरण देने, महिलाओं और बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, हिंसा, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराध तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।

सुनील सूरी ने कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय या संस्था ने सांस्कृतिक और पारंपरिक उद्देश्यों के लिए गरबा आयोजन की अनुमति दी है, तो कार्यक्रम उसी उद्देश्य और अनुमति की शर्तों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से आयोजनों की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

फिलहाल, यह मांग विहिप की ओर से की गई है। आयोजनों की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई के संबंध में प्रशासन की ओर से किसी निर्णय की जानकारी इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।