बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा सांसद सुधा यादव ने कर्नाटक के राज्यपाल पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सुधा यादव ने निवर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है।
सुधा यादव की नियुक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल के तहत की गई है। उनकी नियुक्ति के साथ कर्नाटक के संवैधानिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है। सुधा यादव भाजपा के संसदीय बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं और पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रहीं सुधा यादव ने आईआईटी रुड़की से रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। वह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य के रूप में भी काम कर चुकी हैं। वर्ष 2019 से 2022 तक आयोग में उनकी भूमिका रही। राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के साथ उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
सुधा यादव ने अपने पति सुखबीर सिंह यादव के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा था। उनके पति सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद सुधा यादव ने महेंद्रगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा और संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। आगे चलकर वह हरियाणा में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हुईं।
राज्यपालों के फेरबदल के तहत अन्य राज्यों में भी नियुक्तियां की गई हैं। ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, सिक्किम के निवर्तमान राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल भेजा गया है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है।
राज्यपालों की नियुक्ति और तबादले संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति द्वारा किए जाते हैं। इन बदलावों के बाद संबंधित राज्यों में नए राज्यपाल अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां संभालेंगे।







