नयी दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ आने का भी खतरा जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का प्रभाव मुख्य रूप से शुक्रवार तक रहने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में इसके बाद मौसम शुष्क रह सकता है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं, जबकि उत्तराखंड में शुक्रवार के बाद अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान
आईएमडी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में भी भारी वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर कई दिनों तक जारी रह सकता है। केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी व्यापक वर्षा का अनुमान है।
तीन राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ आने का कम से कम मध्यम स्तर का जोखिम जताया है। तमिलनाडु के इरोड, नीलगिरि, थेनी, विल्लुपुरम और कुड्डालोर, केरल के एर्नाकुलम और पलक्कड़ तथा कर्नाटक के कोडागु और चिकमगलूर जिले संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, तेज सतही बहाव, भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हो सकती हैं। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने के साथ फसलों, बागवानी और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
लोगों और किसानों के लिए सावधानी बरतने की सलाह
आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी रखने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, विद्युत उपकरणों को बंद रखने और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने, खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करने और तेज हवाओं से फसलों को बचाने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित आश्रय में रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मौसम पर पड़ रहा है। तेलंगाना और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है।







