सासाराम में प्रसूता और नवजात की मौत, अस्पताल में हंगामा
Death of a mother and newborn in Sasaram; commotion at the hospital

सासाराम: रोहतास जिले के सासाराम में प्रसव के दौरान एक महिला और उसकी नवजात बच्ची की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विरोध में परिजनों ने दोनों के शवों के साथ अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और बेदा बस पड़ाव के समीप पुरानी जीटी रोड को जाम कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेदा सूर्य मंदिर के पास स्थित साईनाथ अस्पताल का है। मृतका की पहचान बनरसिया निवासी विकास कुमार की पत्नी निर्मला देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, निर्मला देवी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल को डॉ. आरके पटेल से संबंधित बताया जा रहा है।

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परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला और नवजात बच्ची की स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। हालांकि, परिजनों के मुताबिक, अस्पताल से वाराणसी ले जाने के दौरान ही दोनों की मौत हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया।

इसके बाद परिजन दोनों के शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, आक्रोशित लोगों के विरोध के बीच पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हंगामे के दौरान अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी भी वहां से चले गए।

वहीं, सड़क जाम की सूचना मिलने पर सासाराम की अंचलाधिकारी खुशबू गौतम और नगर थानाध्यक्ष शिवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराने का प्रयास किया।

परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि महिला और नवजात की मौत के मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यदि चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, घटना को लेकर परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें अधिकारियों पर टिकी हैं।