मेघालय में 96,801 छात्रों को मिलेगी 104.48 करोड़ की छात्रवृत्ति
96,801 students in Meghalaya to receive scholarships worth ₹104.48 crore.

शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों के लिए अंब्रेला पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की दूसरी और अंतिम किस्त के रूप में 104.48 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से राज्यभर के 96,801 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। सरकार ने यह राशि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए जारी की है।

सेंट एंथनी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति जारी की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई, कला एवं संस्कृति मंत्री सनबोर शुल्लाई और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद रहे। छात्रवृत्ति का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

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छात्रवृत्ति का सही इस्तेमाल करने की अपील

मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने छात्रवृत्ति की राशि जारी होने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों की अपेक्षाओं और जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे प्राप्त राशि का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ अपनी शिक्षा, अध्ययन सामग्री और व्यक्तिगत विकास के लिए करें।

मुख्यमंत्री ने आधार लिंक नहीं कराने वाले विद्यार्थियों से जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आधार लिंक होने से छात्रवृत्ति का भुगतान बिना अनावश्यक देरी के किया जा सकेगा। सरकार के अनुसार, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

कॉलेज में शैक्षणिक सुविधाओं का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सेंट एंथनी कॉलेज में कई शैक्षणिक सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें जैव-प्रौद्योगिकी विभाग और बायो-इन्फॉर्मेटिक्स प्रयोगशाला के नवीनीकृत स्नातकोत्तर ब्लॉक के साथ परिसर की बेहतर सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) 2.0 के तहत उपलब्ध कराए गए उपकरणों और मुख्यमंत्री कौशल योजना के अंतर्गत स्थापित कंप्यूटर प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया।

इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रयोगशाला आधारित अध्ययन के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। छात्रवृत्ति वितरण और शैक्षणिक संसाधनों के विस्तार को राज्य में शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।