रोहतास: दिनारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में इलाज में कथित लापरवाही की शिकायत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। एसडीएम स्तर से की गई जांच के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राघवेंद्र कुमार को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पीएचसी में कार्यरत चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार को नया प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल की व्यवस्था बेहतर बनाने और मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, दिनारा पीएचसी में मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही को लेकर शिकायत सामने आई थी। शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम स्तर पर इसकी जांच कराई गई। जांच के निष्कर्षों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की। इसके तहत डॉ. राघवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया।
उनके स्थान पर डॉ. आशीष कुमार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई नियुक्ति के साथ अस्पताल के संचालन, मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की अपेक्षा की जा रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। यहां सामान्य बीमारियों का इलाज, प्राथमिक चिकित्सा और जरूरत के अनुसार मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन और मरीजों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक माना जाता है।
दिनारा पीएचसी से जुड़े इस मामले में विभागीय कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, शिकायत से संबंधित विस्तृत जांच निष्कर्ष और कथित लापरवाही के विशिष्ट तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
अब नए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के सामने अस्पताल की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, स्वास्थ्यकर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बदलाव से पीएचसी की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सकेगा।







