वेटिकन: पोप लियो के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से में मौजूद कैंसरग्रस्त ऊतक को निकालने के लिए की गई सर्जरी सफल रही है। वेटिकन की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, ऑपरेशन बिना किसी तत्काल जटिलता के पूरा हुआ। सर्जरी के बाद पोप सामान्य रूप से होश में आए और निगरानी के बाद अपने कमरे में लौट गए।
रोम के जेमेली अस्पताल में 71 वर्षीय पोप की करीब 90 मिनट तक सर्जरी चली। चिकित्सकों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को निकालने का निर्णय इसलिए लिया, ताकि बीमारी के उपचार को प्रभावी बनाया जा सके। वेटिकन के अनुसार, नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान फेफड़े में गांठ का पता चला था। शुरुआती जांच में ही इस गांठ को लेकर संदेह सामने आया, जिसके बाद विशेषज्ञों ने विस्तृत परीक्षण और सर्जरी की सलाह दी।
मेडिकल जांच में गांठ को पल्मोनरी एडेनोकार्सिनोमा बताया गया है। यह फेफड़ों के कैंसर का एक प्रकार है। हालांकि, बीमारी की स्थिति और उपचार के अगले चरणों को लेकर चिकित्सकीय जांच जारी है। वेटिकन से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, अतिरिक्त परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैंसर फेफड़े से बाहर अन्य हिस्सों तक फैला है या नहीं।
पोप को ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल में कुछ दिन रहने की सलाह दी गई है। उम्मीद जताई गई है कि उन्हें लगभग एक सप्ताह तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जा सकता है। उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं, ताकि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।
पोप के अस्पताल पहुंचने और वहां से गुजरने के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित दिखाई दिए। अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों ने उनका अभिवादन किया और शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं।
चिकित्सकों के अनुसार, फेफड़ों में गांठ होना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन जांच में कैंसर की पुष्टि होने पर समय पर उपचार महत्वपूर्ण हो जाता है। फिलहाल पोप की सर्जरी सफल रहने के बाद आगे की चिकित्सकीय निगरानी और जांच पर ध्यान दिया जा रहा है।







