सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके का केंद्र पर निशाना, ‘अघोषित आपातकाल’ का लगाया आरोप
CJP founder Abhijit Dipke targets the Centre, alleges ‘undeclared emergency’

नागपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर देश में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दिपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति लेने की आवश्यकता और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भेजे जाने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई।

मीडिया से बातचीत में दिपके ने आरोप लगाया कि सौरव दास और आशुतोष रांका को अवैध रूप से हिरासत में भेजा गया। उन्होंने सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के लिए ‘शहरी नक्सली’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का मौलिक अधिकार है और अन्याय का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़ा होना जरूरी है।

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SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल

सीजेपी संस्थापक ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूचियों से कथित तौर पर नाम हटाए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में नहीं होंगे, तो वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कैसे कर पाएंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न स्थानों पर नाम हटाए जाने के मामलों में उच्चतम न्यायालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के साथ प्रदर्शन के साझा उद्देश्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं है और एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में काम करती है।

उद्धव और राज ठाकरे के समर्थन का दावा

दिपके ने बताया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उन्हें समर्थन दिया था। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे से कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत है, तो उसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए दिपके ने कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बजाय राज्य में सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने किसानों के साथ खड़े रहने का भरोसा भी दिया।

इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा की आलोचना करते हुए सामाजिक न्याय और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के आदर्शों को अपनी संगठनात्मक विचारधारा का प्रमुख आधार बताया।