अहमदाबाद में BRICS पारंपरिक खेलों का समापन, भारत के प्रदर्शन ने खींचा ध्यान
BRICS Traditional Games conclude in Ahmedabad; India's performance draws attention.

नयी दिल्ली: अहमदाबाद में आयोजित उद्घाटन ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेलों का समापन हो गया। एक दिवसीय कार्यक्रम में 10 सदस्य देशों के करीब 160 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी पारंपरिक खेल विधाओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। भारत की ओर से योगासन, मल्लखंभ और कलारीपयट्टू के प्रदर्शन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।

कार्यक्रम में विभिन्न देशों ने अपनी विशिष्ट खेल परंपराओं को प्रस्तुत किया। चीन ने वुशु का प्रदर्शन किया, जबकि कजाकिस्तान ने अपने पारंपरिक बोर्ड गेम टोग्यज़कुमलक को प्रदर्शित किया। ब्राजील की ओर से ध्यानपूर्ण जिउ-जित्सु का प्रदर्शन भी किया गया। इन प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को एक-दूसरे की सांस्कृतिक और खेल परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दिया।

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भारत के मल्लखंभ के रोमांचक करतब और योगासन की लयबद्ध प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारतीय पारंपरिक खेलों की विविधता और शारीरिक दक्षता को सामने रखा गया। योगासन के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जून में आयोजित योगासन विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने 114 पदक जीते थे, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल थे।

दक्षिण अफ्रीका के शेफ-डी-मिशन फिलसांडे मैकविली ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके देश में लोग तनाव कम करने, लचीलेपन में सुधार करने और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग अपनाते हैं।

चीन के शेफ-डी-मिशन यी लियू ने भी भारतीय योग प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल ने योग के बारे में काफी कुछ सीखा है और इस अभ्यास को और बेहतर ढंग से समझने की इच्छा रखता है। उन्होंने भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य की भी प्रशंसा की।

रूस के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख ज़्लाटा याकोवलेवा ने आयोजन के दौरान विभिन्न देशों के बीच बने सौहार्द और मित्रता को विशेष अनुभव बताया। उन्होंने भारतीय मेजबानों के आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ब्रिक्स देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस आयोजन में भारत ने 50 प्रतिभागियों के साथ सबसे बड़ा दल भेजा। इसके बाद चीन, ईरान और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडलों का स्थान रहा। अहमदाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम ने पारंपरिक खेलों के संरक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान किया।