अंतर्राष्ट्रीय: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने दावा किया है कि यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने यानी ब्रेक्जिट को लेकर हुए जनमत संग्रह में रूस ने हस्तक्षेप किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करना जरूरी है, ताकि यूरोप के अन्य देश भी विदेशी हस्तक्षेप के संभावित खतरों को समझ सकें।
‘द रेस्ट इज पॉलिटिक्स’ पॉडकास्ट के जारी अंशों में बर्नहैम ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने सलाहकारों से पूछा था कि क्या रूस ने ब्रेक्जिट जनमत संग्रह को प्रभावित करने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक, सलाहकारों ने इसका जवाब हां में दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी हस्तक्षेप के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आना लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
बर्नहैम ने आशंका जताई कि रूस की गतिविधियां केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार, जर्मनी और फ्रांस समेत यूरोप के अन्य देशों में भी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए गलत और भ्रामक सूचनाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, रूस लंबे समय से दूसरे देशों के चुनावों और जनमत संग्रहों में हस्तक्षेप करने के आरोपों से इनकार करता रहा है।
जर्मनी की राजनीति पर भी चर्चा
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बताया कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने रूस और जर्मनी की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी’ (एएफडी) के बीच संभावित संबंधों पर चर्चा की थी। बर्नहैम ने दावा किया कि एएफडी के रूस से संबंध हैं और उसे वित्तीय सहायता भी मिल सकती है। उन्होंने जर्मनी में फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी चिंता जताई।
खुफिया रिपोर्ट में उठे थे सवाल
ब्रिटेन की संसद की खुफिया एवं सुरक्षा समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सरकार ब्रेक्जिट जनमत संग्रह पर रूस के सरकारी मीडिया और ऑनलाइन ट्रोल खातों के संभावित प्रभाव का पर्याप्त आकलन करने में विफल रही थी। इस रिपोर्ट ने विदेशी हस्तक्षेप और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
बर्नहैम की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियां लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विदेशी प्रभाव के खतरे को लेकर चिंता जता रही हैं। हालांकि, रूस के हस्तक्षेप से जुड़े दावों और उनकी सीमा को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। इस मामले में पारदर्शिता, स्वतंत्र जांच और ठोस प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







